राजनीति में नीति और आदर्श की कमी: शुभेंदु अधिकारी के बदलते रंग
कल हमारे राज्य के विपक्षी नेता माननीय शुभेंदु अधिकारी जी ने कहा, “RSS एक सामाजिक और राष्ट्रवादी संगठन है।” पर कुछ समय पहले जब वे तृणमूल में थे, तब कहते थे RSS “देशद्रोही” है और स्वतंत्रता संग्राम के समय ब्रिटिशों के साथ मिलीभगत की थी। आज वे भाजपा में शामिल होकर उसी RSS के साथ गले मिल रहे हैं।
ऐसे लोगों में क्या कोई नीति या आदर्श होता है? जनता का एक दिन उनका हिसाब मांगना स्वाभाविक है।
एक बात और शुभेंदु जी के लिए—
अगर RSS सच में राष्ट्रवादी संगठन है, तो स्वतंत्रता के बाद 50 वर्षों तक उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज क्यों नहीं फहराया? जो हमारे तिरंगे का अपमान करते हैं, वे राष्ट्रवादी कैसे हो सकते हैं?
मैं समझदार और निष्पक्ष सोच रखने वाले लोगों से निवेदन करता हूँ कि इस पर सोच-विचार अवश्य करें।