घुसपैठ पर सख्ती: हर राज्य में डिटेंशन सेंटर बनाने का आदेश
केंद्र सरकार ने घुसपैठ रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद गृह मंत्रालय ने विदेशी नागरिकों को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत देश के हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे।
नए नियमों के अनुसार, जिन विदेशी नागरिकों पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों, जासूसी, बलात्कार, हत्या, आतंकवाद, बाल तस्करी या प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ाव का आरोप होगा, उन्हें भारत में प्रवेश या ठहरने की अनुमति नहीं मिलेगी। वैध वीज़ा पर आने वाले विदेशी भी सरकार की मंज़ूरी के बिना बिजली, जल आपूर्ति और पेट्रोलियम क्षेत्र के निजी संस्थानों में नौकरी नहीं कर पाएंगे।
डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म निर्माण, उसका प्रचार, पर्वतारोहण अभियान और संरक्षित क्षेत्रों में प्रवेश के लिए भी अब केंद्र की लिखित अनुमति अनिवार्य होगी। पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान के नागरिकों को ऐसे क्षेत्रों में प्रवेश की किसी भी तरह की अनुमति नहीं दी जाएगी।
देश छोड़ने पर भी रोक लगाई गई है। यदि राष्ट्रीय हित, अदालती आदेश या किसी अन्य देश के साथ कूटनीतिक संबंधों पर असर पड़ने की आशंका होगी, तो विदेशी नागरिक को देश छोड़ने से रोका जा सकता है। ऐसे विदेशी नागरिकों की सूची ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन तैयार करेगा।
हाल ही में लागू किए गए इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के तहत सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में डिटेंशन सेंटर बनाने का आदेश दिया गया है। अवैध रूप से रह रहे या आपराधिक गतिविधियों में शामिल विदेशी नागरिकों को निर्वासन तक इन्हीं केंद्रों में रखा जाएगा।