Tranding

हताशा और अपेक्षा

युवा समाज किसी भी समाज की सबसे ताज़ा और मूल्यवान संपत्ति है। युवक सबसे अधिक कर्मठ होते हैं और समाज सेवा में भाग लेने में सक्षम होते हैं। उनके पास न पीछे हटने की प्रवृत्ति होती है और न ही काम शुरू करने से पहले की अनावश्यक सावधानियाँ। जब देश और मानवता के लिए रक्त और संघर्ष की आवश्यकता होती है, तब यही युवा सबसे पहले आगे आते हैं—इतिहास में इसके असंख्य उदाहरण मौजूद हैं। लेकिन वर्तमान युवाओं की जो तस्वीर सामने है, उससे क्या युवाओं का गौरवशाली इतिहास इतिहास के गहरे अंधकार में खो जाएगा? क्या हम सुकांत की “अठारह वर्ष” या नज़़रुल की “छात्र दल का गीत” के युवाओं को खो देंगे? यह वास्तव में एक निराशाजनक पहलू है।

वर्तमान में युवा अपने जीवन के उपयोगी समय का एक बड़ा हिस्सा ऑनलाइन गेम्स, फ़ेसबुक चलाने, अनचाहे चैटिंग करने या मोबाइल फ़ोन के दुरुपयोग में बर्बाद कर रहे हैं। जीवन को सँवारने के बजाय वे सुबह, शाम, रात और दोपहर—हर समय खोए जा रहे हैं। इसका प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ना तय है। सब कुछ मिलाकर, विचारशील लोगों के मन में गहरी निराशा का काला बादल जमा हो रहा है।

फिर भी, आशा की किरण मौजूद है। युवाओं का एक अखिल भारतीय समूह ऑल इंडिया सॉलिडैरिटी मूवमेंट पूरे भारतवर्ष में ऑनलाइन गेम्स, जुआ और विभिन्न साइट्स के दुरुपयोग के विरुद्ध अभियान चला रहा है। वे सरकार से ऑनलाइन गेम्स, जुआ और विध्वंसकारी साइट्स के खिलाफ कड़े कदम उठाने की माँग कर रहे हैं। वे नुक्कड़ सभाएँ, गोलमेज़ सम्मेलन, बुद्धिजीवी सम्मेलन और थानों में डेलीगेशन कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। यानी युवा ही युवाओं को सही रास्ता दिखाने के लिए स्वयं आगे आ गए हैं। निराशा के बीच यह एक अद्भुत और परिवर्तनकारी अपेक्षा है।

Trusted source for latest breaking news, headlines, and updates from around the world.

© Your Bango Darpan News. All Rights Reserved.