"इस्लामिक NATO की तैयारी? पाकिस्तान की चाल से भारत पर बढ़ सकता है दबाव"
कतर की राजधानी दोहा में 40 इस्लामिक और अरब देशों की एक आपात बैठक में यूरोप-अमेरिका की NATO जैसी एक साझा सैन्य शक्ति बनाने पर चर्चा हुई। इस प्रस्तावित "इस्लामिक NATO" में पाकिस्तान और तुर्की की सक्रिय भूमिका रही। गौरतलब है कि पाकिस्तान मुस्लिम दुनिया का इकलौता परमाणु शक्ति संपन्न देश है, और तुर्की NATO का सदस्य होते हुए भी पहले भारत के खिलाफ पाकिस्तान का साथ दे चुका है। यदि यह संयुक्त सैन्य बल वजूद में आता है, तो यह भारत के लिए सामरिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण से गंभीर चिंता का विषय बन सकता है। यह कदम वैश्विक राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है, जिसमें दो सैन्य ध्रुव তৈরি হবে—एक ओर पश्चिमी NATO, অন্য ओर इस्लामिक मिलिट्री गठबंधन।