Tranding

मानवता के मुक्ति-दूत  एम. महबुल एक

वह आए—
एक अनंत अंधकार को चीरकर, मानवता के आकाश में अमर प्रकाश प्रज्वलित किया,
जहाँ भूख को जंजीरें तोड़ने का अधिकार मिला,
निर्बलों को न्याय का आश्रय मिला,
और स्त्री—
पहली बार सम्मान और गरिमा का ताज पहना।

उनके पदचिह्नों पर रक्त बहा,
उनकी आवाज़ में अपमान की तुरही बजी,
फिर भी उत्तर में उन्होंने सिखाया—
क्षमा प्रतिशोध से महान है,
प्रेम घृणा से अधिक अमर है,
और सत्य का दीप अत्याचार के तूफ़ान में कभी बुझता नहीं।

वे भूखे रहकर भी
भूखों की भूख मिटाते रहे,
वे वंचित होकर भी
वंचितों के आँसू पोंछते रहे।

उनके कंठ से निकला हर शब्द—
मानव सभ्यता के इतिहास में
एक मुक्ति की घोषणा था,
एक न्याय-वाणी की प्रतिध्वनि।

हे मानवता के नबी—
हम आज भी तुम्हारा नाम उच्चारित करते हैं
सलाम और दुरूद की धारा में,
ताकि हर हृदय यह अनुभव करे—
कि तुम केवल एक धर्म के गौरव नहीं,
तुम संपूर्ण मानवता के अमर नक्षत्र हो।

Trusted source for latest breaking news, headlines, and updates from around the world.

© Your Bango Darpan News. All Rights Reserved.