पंजाब की बाढ़ त्रासदी में मोहम्मद शमी बने उम्मीद का सहारा, गोद लिए पाँच गाँव
पंजाब की भीषण बाढ़ ने अकल्पनीय तबाही मचाई। पूरे-पूरे गाँव डूब गए, परिवारों के घर-बार उजड़ गए और बच्चों की पढ़ाई छूट गई। लोगों के लिए भोजन और साफ पानी जुटाना ही रोज़ाना की जंग बन गया।
इसी संकट की घड़ी में भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी इंसानियत की मिसाल बनकर सामने आए। आर्थिक मदद देने से आगे बढ़कर उन्होंने घोषणा की कि वह पंजाब के पाँच बाढ़ प्रभावित गाँव गोद लेंगे, और उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ज़रूरतों की पूरी ज़िम्मेदारी उठाएँगे।
शमी ने कहा—“अल्लाह ने मुझे नाम और पहचान दी है… अगर मैं अपने लोगों के साथ इस मुश्किल घड़ी में खड़ा न रहूँ तो इस शोहरत का कोई मतलब नहीं।”
उनका यह कदम केवल राहत नहीं है—यह है उम्मीद लौटाने का प्रयास, लोगों को जीवन फिर से बनाने की ताक़त देने का संकल्प। शमी ने साबित कर दिया कि असली चैंपियन सिर्फ़ मैदान पर विकेट और जीत से नहीं, बल्कि मैदान के बाहर इंसानियत दिखाने से बनता है।