“सिर्फ़ बंगाली होने की सज़ा”: बीजेपी शासित राज्यों में प्रवासी मज़दूरों पर बर्बरता
रिपोर्ट – ऑनलाइन बंगदर्पण:
बीजेपी शासित राज्यों से चौंकाने वाली घटनाएँ सामने आ रही हैं, जहाँ केवल बंगाली भाषा बोलने या बंगाली पहचान के कारण प्रवासी मज़दूरों को बर्बर अत्याचार झेलना पड़ रहा है। कहीं पिटाई, कहीं हत्या, तो कहीं उन्हें वापस बांग्लादेश भेजने जैसी घटनाएँ हो रही हैं।
ऐसा ही मामला सामने आया है जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र के एक प्रवासी मज़दूर के साथ। आरोप है कि उत्तर प्रदेश में उसे केवल बंगाली बोलने के कारण अंधेरे कमरे में बंद कर दिनों तक प्रताड़ित किया गया।
विधायक जाकिर हुसैन ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा की और कहा कि ओडिशा, दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बंगालियों को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है, जबकि वे भारतीय नागरिक हैं। उन्होंने साफ कहा—“यह हिंदू-मुसलमान की बात नहीं है, केवल बंगाली पहचान और भाषा के कारण अत्याचार हो रहा है।”
उन्होंने राज्य के बीजेपी नेताओं की चुप्पी की आलोचना की और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की माँग की। साथ ही गृह मंत्रालय और प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित किया। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि बंगाली प्रवासियों के साथ यह भेदभाव और अत्याचार जारी रहा तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।