गरीबों के डॉक्टर’ डॉ. गोरांग गोस्वामी को श्रद्धांजलि
“जीवनभर पाँच रुपये की फीस पर ही इलाज करूंगा”—यह व्रत निभाते चले गए मानवतावादी चिकित्सक डॉ. गोरांग गोस्वामी। सत्तर के दशक में MBBS करने के बाद उन्हें उत्तर बंगाल के एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में नौकरी मिली थी, लेकिन उन्होंने कलना लौटकर गरीबों की सेवा को ही अपना धर्म माना।
सुबह दस बजे से उनका रोगी देखने का सिलसिला शुरू होता। बीच में थोड़ी विश्रांति के बाद रात तक लगातार मरीज देखते থাকতেন। कोरोना काल में जब अधिकांश डॉक्टरों ने अपने क्लिनिक बंद कर दिए थे, तब भी पाँच रुपये वाले डॉक्टर बाबू का दरवाज़ा सबके लिए खुला ছিল।
कुछ वर्ष पहले आज ही के दिन उनकी जीवन यात्रा थम गई। गरीबों के लिए वे सचमुच भगवान जैसे चिकित्सक थे।
उनकी पुण्यतिथि पर हम नमन करते हैं और कृतज्ञচিত श्रद्धांजलि অर्पित करते हैं।