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🇮🇳 एक युग का अंत: एशिया की पहली महिला लोको पायलट सुरेखा यादव ले रही हैं सेवानिवृत्ति

भारतीय रेल के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय का समापन होने जा रहा है। एशिया की पहली महिला लोको पायलट सुरेखा यादव आगामी 30 सितंबर को आधिकारिक रूप से रिटायर हो रही हैं

गुरुवार को उन्होंने इगतपुरी से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक राजधानी एक्सप्रेस चलाई—जो उनके शानदार करियर की अंतिम यात्रा ছিল। टर्मिनस पर साथी कर्मचारियों ने उनका सादर स्वागत किया, टिका लगाया गया, माला पहनाई এবং एक छोटा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुआ।

संक्षिप्त यात्रा विवरण:

  • जन्म: सतारा, महाराष्ट्र

  • डिप्लोमा: इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग

  • रेलवे में प्रवेश: 1989 में असिस्टेंट ड्राइवर

  • उपलब्धियाँ:

    • 2000 में मोटरवुमन

    • ‘डेक्कन क्वीन’ और ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ की ड्राइवर

    • मुम्बई-पुणे घाट मार्ग की विशेषज्ञ

आज उनके पदचिन्ह অনুসरण করে भारतीय रेल में लगभग 1,500 महिलाएं लोको पायलट के रूप में कार्यरत हैं।

"सुरेखा जी ने यह साबित किया कि अगर इरादा मजबूत हो, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता।"

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