संयुक्त राष्ट्र में ऐतिहासिक प्रस्ताव: इज़राइल–फिलिस्तीन संकट के लिए दो-राष्ट्र समाधान की मांग
मध्यपूर्व रिपोर्ट – ऑनलाइन बंगदरपन :
संयुक्त राष्ट्र ने लंबे समय बाद एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें इज़राइल–फिलिस्तीन संघर्ष के समाधान के लिए दो-राष्ट्र समाधान को लागू करने का आह्वान किया गया। इस प्रस्ताव के पक्ष में 142 देशों ने समर्थन किया, जिनमें भारत भी शामिल है। सिर्फ 10 देशों ने विरोध किया, जिनमें इज़राइल और अमेरिका प्रमुख। वहीं 12 देश मतदान से अनुपस्थित रहे।
सऊदी अरब और फ्रांस की पहल पर लाया गया यह प्रस्ताव, जिसे “न्यूयॉर्क घोषणा” कहा गया है, ग़ज़ा में युद्ध रोकने और न्यायपूर्ण तथा स्वीकार्य समाधान लाने की बात करता है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास का हमला निंदनीय है, लेकिन ग़ज़ा में इज़राइल की अंधाधुंध बमबारी, नाकाबंदी और भुखमरी जैसी कार्रवाइयाँ भी अमानवीय हैं।
अल-जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ग़ज़ा में हालिया इज़राइली हमले में 50 लोग मारे गए, जिनमें एक ही परिवार के 14 सदस्य शामिल हैं। इज़राइल ने घोषणा की है कि वह ग़ज़ा के प्रमुख शहरी केंद्र पर कब्ज़ा करना चाहता है।
संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने इज़राइल की बर्बरता की कड़ी निंदा की है। ग़ज़ा में पहले ही अकाल जैसी स्थिति घोषित कर दी गई है। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने संयुक्त बयान जारी कर तुरंत युद्धविराम की मांग की है।
हामास ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है, लेकिन इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे खारिज करते हुए कहा कि “फिलिस्तीन कभी स्वतंत्र राष्ट्र नहीं बनेगा।” इज़राइल ने संयुक्त राष्ट्र की इस पहल को “राजनीतिक सर्कस” बताया है, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने स्पष्ट कर दिया है कि यह दो-राष्ट्र समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।