हथियार और दौलत सब कुछ है, फिर भी कायर क्यों हैं आज के अरब?
ऑनलाइन बंगदर्पण :
कहा जाता है—पैसा इंसान को डरपोक बना देता है। और इसका जीता-जागता उदाहरण है आज की अरब दुनिया।
क़तर के पास हैं 138 टैंक, 922 सशस्त्र वाहन, 16 रॉकेट मिसाइल और 205 विमान, जिनमें 96 लड़ाकू विमान। पिछले एक दशक में उसने अमेरिका से एफ-15, फ्रांस से राफेल और ब्रिटेन से यूरोफाइटर टाइफून खरीदकर अपनी वायुसेना को मजबूत किया है। इसी तरह सऊदी अरब और दुबई भी दुनिया के सबसे बड़े हथियार-खरीददार देशों में शामिल।
लेकिन सवाल है—इतनी ताक़त और दौलत होने के बावजूद आज के अरब इतने डरपोक क्यों?
बुज़ुर्ग कहते थे—भोग-विलास दिल को मार देता है, और कायरता दिल में घर कर लेती है।
कभी इनके पूर्वजों के पास खाने को खाना नहीं था, पीने को पानी नहीं था, पहनने को कपड़ा नहीं था, लड़ने को हथियार नहीं था। लेकिन उनके पास था अटूट साहस, अपार शक्ति और मज़बूत ईमान।
खजूर खाकर, भूखे रहकर भी उन्होंने क़ैसर और किसरा जैसे साम्राज्यों को ध्वस्त कर दिया। चीन से लेकर स्पेन तक इस्लाम का झंडा बुलंद कर दिया।
आज जब सब कुछ है—दौलत, हथियार, विलासिता—फिर भी उस पूर्वजों वाला साहस गायब है।
(स्रोत: तुह्हा अली ख़ान का फ़ेसबुक पोस्ट)